Showing posts with label गठिया आयुर्वेदिक उपचार. Show all posts
Showing posts with label गठिया आयुर्वेदिक उपचार. Show all posts

Thursday, 23 March 2017

गठिया (Gout) के लक्षण और उसका घरेलू इलाज














हरिताकी को हर्डे के रूप में भी जाना जाता है, यह पाचन में सुधार करता है। आयुर्वेद में यह एक detoxifier के रूप में माना जाता है और सभी dhatus (शरीर के ऊतकों) nourises। यह प्रकृति में हल्का रेचक है यह सभी दोषों को संतुलित करने में उपयोगी है, मुख्य रूप से वाटा को। हरीताकी लोकप्रिय आयुर्वेदिक निर्माण 'त्रिपला' (Triphala) में 3 प्रमुख अवयवों में से एक है। हरितकी पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ावा देता है और बृहदान्त्र कार्यों को नियंत्रित करता है। इसमें वैकल्पिक, adpatogenic और विषाक्त प्रभाव है। इसकी सक्रिय सामग्री टैनिन में astringent  प्रभाव होता है, शरीर के tissues का समर्थन करता है।

गृह उपचार प्राप्तियां: Home Remedies for gout care
  • कास्टर का तेल 5 मिलीलीटर और हरिताकी के 5 ग्राम पाउडर लें,  उसकेसाथ  गर्म पानी आधा कप लें। और एक अच्छा पेस्ट बनाओ यह गर्म पानी के साथ खानेसे Rheumatoid Arthritis (Joint) के लिए फायदेमंद है।
  • गुड़ और हरीतकी पाउडर का मिष्ट्रन मिलाकर, नियमित रूप से सेवन करनेसे  गाउट (gout) से आराम और इम्युनिटी बढ़ती है.
  • गर्म पानी से 1 चम्मच हरिताकी पाउडर मिलाकर नियमित रूप से सेवन करनेसे  आंत्र आंदोलन को  (bowel movement) विनियमित करने में मदद करता है।
  • गठिया Gout के आयुर्वेदिक उपचार के लिए निचे दिए गए लिंक को क्लिक कीजिये